योगरत्न गणेश प्रसाद सोनकर का निधन

वाराणसी

एक समय काशी में योगासन की अलख जगाने व इसे आम जनमानस तक पहुंचाने का श्रेय योगसम्राट की उपाधि से विभूषित स्वर्गीय मिठाई लाल सोनकर को रहा था। आज भी शहर के पुरनिए व वर्तमान योग प्रशिक्षक,सभी मिठाई लाल सोनकर से योगा का प्रशिक्षण सीखकर उसे आगे बढ़ा रहे हैं। दुःखद यह है कि उनकी इसी थाती को संभालकर आगे ले जा रहे उनके योग्य पुत्र योगरत्न गणेश प्रसाद सोनकर का पचास वर्ष की अल्पायु में शनिवार दो अगस्त की सुबह लंका नगवा स्थित अंतर्राष्ट्रीय योग प्रशिक्षण आश्रम में तड़के हृदय गति रुकने से निधन हो गया। अभी पिछले माह ही इनकी माता ज़ी का भी निधन हो गया था।

गणेश प्रसाद सोनकर अपने पिता के बाद यहीं पर विगत कई वर्षो से योगासन का निःशुल्क ट्रेनिंग देते आ रहे थे। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय स्थित केंद्रीय विद्यालय में भी इन्होंने एक वर्ष योग प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया था साथ ही शहर के कई बड़े गणमान्य लोगों के घर जाकर योग के द्वारा उनकी बिमारियों को दूर भी किया करते थे। प्रतिवर्ष दिसंबर माह में प्रदेश स्तरीय योगासन व सूर्य नमस्कार प्रतियोगिता का भी आयोजन कर इसका प्रचार प्रसार किया करते थे। इनके दो बच्चे हैं।
शनिवार को प्रातः जानकारी लगने पर दशाश्वमेध स्थित शास्त्रार्थ महाविद्यालय में एक शोक सभा कर गातात्मा की शान्ति के लिए प्रार्थना किया गया।